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Imported post: Facebook Post: 2024-09-07T19:07:16

जो व्यक्ति अपने स्वयं की बुद्धि से ठीक/गलत का निर्णय न करके, अपने किसी आका, संगठन, संप्रदाय आदि के निर्देशो का अंधानुकरण करता है, चाहे किसी की हत्या ही क्यो न करनी हो, वे लोग चमचा कहलाते है। इन पर किसी उदाहरण का कोई असर नही होता। ऐसे लोग कीचङ से कीचङ साफ करने का प्रयास करते है। यह साधारण सा फ़ॉर्म्युला है। लकीर के बराबर बड़ी लकीर खींच कर पहले वाली लकीर को छोटा करना। और किसी विभाग मे रिश्वत लेने वालो से बात करते है तो जवाब मिलता है कि हमारा विभाग तो रिश्वत लेने वालो मे बीसवाँ नम्बर है। कल्पना कीजिये, आप किसी अपराध की शिकायत ले कर थाने जाए और थानेदार आपको लंदन और दुनिया के दूसरे हिस्से के अपराध के आंकड़े दिखा कर कहे, देखिये दुनिया मे सबसे ज्यादा क्राइम कहाँ है ! आप क्या करेगे ? इसी प्रकार एक पार्टी के समर्थन मे बहुत से लोग ऐसा ही व्यवहार करते है। कुछ चमचा किसी भी कमी पर, आलोचना पर इतने आर्ग्यूमेंटिव हो जाते है, के आम आदमी सोच मे पड़ जाता है, इनकी वफादारी देश से है या पार्टी से या व्यक्ति विशेष से। किसी भी पार्टी को "खतरा" अपने इन्ही अति उत्साहित समर्थको से ज्यादा रहता है। ......✍️ सर्वाधिकार सुरक्षित © मौलिक, स्वरचित #Eralokkumar #alokfbFamily #aloksir #Guddusingh #alok #princeofgaya #alokkumar #aloksingh #Facebook #engineer #MechanicalEngineer #Lifeskills #ईआलोककुमार #आलोक #आलोककुमार #आलोकसिंह #आलोकसर #जीवनशैली #जीवनोपयोगीशिक्षा #फेसबुक #GidhaIndustrialAreaAra #MIGH22HBColonyGaya #202PatliputraColonyPatna #AkanchaSingh #आकांक्षासिंह