आधुनिक विज्ञान के अनुसार किसी शरीर की मृत्यु हो जाने पर उसे जलाने पर, या किसी जीवित शरीर को जलाने पर, उस शरीर के कार्बनिक और अकार्बनिक पदार्थों की वातावरण की ऑक्सीजन से क्रिया हो कर निम्न चीजे बनती है और शेष रह जाती है... गैसे - कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, जलवाष्प, मीथेन, नाइट्रस डाइ ऑक्साइड, नाइट्रोजन मोनो ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स - जैसे एल्डिहाइड्स, कीटोन्स और दूसरे हाइड्रोकार्बन्स। द्रव और गैस - बॉडी फैट्स और ऑइल्स ठोस - राख - कैल्शियम, फास्फोरस और आयरन के कंपाउंड्स। चार - बचा हुआ कार्बन जहरीले पदार्थ - डायोक्सिन्स, फ्यूरान्स, हैवी मेटल्स आदि लकड़ी की चिता मे जलाने पर कुछ अधिक पदार्थ मिलते है और इलेक्ट्रिक भट्टी मे जलाने पर कम। यदि बिजली की भट्टी मे जलाते समय हम ऑक्सीजन बहुत कम रखेगे तो बचने वाले पदार्थो मे अंतर आ जाएगा। विभिन्न शरीरो को जलाने पर मिलने वाले पदार्थो मे अंतर होता है, जैसे शरीर की कोशिका, बैक्टीरिया, वायरस, प्रोटेजोएन्स, डीएनए, आरएनए आदि को जलाने पर हड्डियो और मांस-मज्जा के बने शरीर से कुछ अंतर रखते हुए पदार्थ मिलेगे। एक ज...
Er.Alok Kumar Guest Lecturer -- Dept. of Mechanical Engineering Government Polytechnic Gaya (Bihar) Mobile # +91 9572617722 https://www.facebook.com/profile.php?id=61568369674881